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Winter Ayurvedic Diet: सरà¥à¤¦à¥€ में बढ़ जाती है वात-कफ की समसà¥â€à¤¯à¤¾, आयà¥à¤°à¥à¤µà¥‡à¤¦ के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° जानें कà¥â€à¤¯à¤¾ खाà¤à¤‚ कà¥â€à¤¯à¤¾ नहीं
आयà¥à¤°à¥à¤µà¥‡à¤¦ विशेषजà¥à¤ž की मानें, तो सरà¥à¤¦à¥€ के मौसम में हम सà¤à¥€ को à¤à¤¸à¤¾ आहार लेना चाहिà¤, जो शरीर को गरà¥à¤® रखने के साथ ही इमà¥à¤¯à¥‚निटी लेवल à¤à¥€ बढ़ाà¤à¥¤ à¤à¤¸à¤¾ आहार वात और कफ को शांत करने में मदद करता है।
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what to eat and not eat in winters according to ayurveda expert to balance vata and kapha dosha
Winter Ayurvedic Diet: सरà¥à¤¦à¥€ में बढ़ जाती है वात-कफ की समसà¥â€à¤¯à¤¾, आयà¥à¤°à¥à¤µà¥‡à¤¦ के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° जानें कà¥â€à¤¯à¤¾ खाà¤à¤‚ कà¥â€à¤¯à¤¾ नहीं
सरà¥à¤¦à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ à¤à¤• à¤à¤¸à¤¾ मौसम है, जब हम खूब खाते हैं, खूब सोते हैं और कम चलते-फिरते हैं। हालांकि इस तरह की जीवनशैली हमें बड़ा ही खराब महसूस कराती है। इसलिठसरà¥à¤¦à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में सबसे अचà¥à¤›à¤¾ तरीका है खूब आराम करना और इस मौसम का आनंद लेना। सरà¥à¤¦à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में शरीर को गरà¥à¤® रखने का यह शानदार तरीका है। आयà¥à¤°à¥à¤µà¥‡à¤¦ के अनà¥à¤¸à¤¾à¤°, यह कफ का मौसम होता है, जब ठंड के साथ हलà¥à¤•ी बरसात हमारी जीवन की गति को धीमा कर देती हैं। à¤à¤• संतà¥à¤²à¤¿à¤¤ कफ जोड़ों की चिकनाई, तà¥à¤µà¤šà¤¾ की कोमलता और रोग पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¥‹à¤§à¤• कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾à¤“ं के लिठजिमà¥à¤®à¥‡à¤¦à¤¾à¤° होता है। हालांकि, सरà¥à¤¦à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में यह दोष जब बढ़ जाता है, तो सà¥à¤¸à¥à¤¤à¥€, वजन बढ़ना, बलगम, से संबंधित बीमारियां और नकारातà¥à¤®à¤• à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾à¤à¤‚ पैदा होती हैं।
सरà¥à¤¦à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ का à¤à¤• अनà¥à¤¯ पहलू à¤à¥€ है कि यह मौसम वात को बढ़ाता है, जिससे जोड़ों में दरà¥à¤¦, अपच, और अनà¥à¤¯ समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚ पैदा होने लगती हैं। आयà¥à¤°à¥à¤µà¥‡à¤¦ के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° सरà¥à¤¦à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में हमें à¤à¤¸à¤¾ आहार लेना चाहिà¤, जो वात और कफ दोनों को शांत कर सके। आयà¥à¤°à¥à¤µà¥‡à¤¦à¤¿à¤• सिदà¥à¤§à¤¾à¤‚तों पर आधारित सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ आहार खाने से हमें सरà¥à¤¦à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ रहने में मदद मिलती है। आयà¥à¤°à¥à¤µà¥‡à¤¦à¤¿à¤• विशेषजà¥à¤ž डॉ. रिचा गà¥à¤ªà¥à¤¤à¤¾ कहती हैं कि सरà¥à¤¦à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में हमें गरà¥à¤®, हलà¥à¤•ा मसालेदार और पका हà¥à¤† खाना खाना चाहिà¤à¥¤ आयà¥à¤°à¥à¤µà¥‡à¤¦ में विंटर फूडà¥à¤¸ का सेवन करने से हम सरà¥à¤¦à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में न केवल खà¥à¤¦ को सरà¥à¤¦à¥€, जà¥à¤•ाम, खांसी, फà¥à¤²à¥‚ और संकà¥à¤°à¤®à¤£ से बच सकते हैं, बलà¥à¤•ि इस मौसम में अचà¥à¤›à¥‡ से à¤à¤¨à¥à¤œà¥‰à¤¯ à¤à¥€ कर सकते हैं।
​à¤à¥‹à¤œà¤¨ में मसाले शामिल करें
सरà¥à¤¦à¥€ के मौसम में à¤à¥‹à¤œà¤¨ पकाने में , बड़ी इलायची, दालचीनी, तेज पतà¥à¤¤à¤¾, अजवायन , जीरा, मेथीदाना, अदरक जैसे मसालों को जरूर शामिल करना चाहिà¤à¥¤ यह हमें मौसमी बीमारियों से बचाठरखते हैं।
​डà¥à¤°à¤¾à¤¯ फà¥à¤°à¥‚टà¥à¤¸ का सेवन फायदेमंद
सरà¥à¤¦à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में सूखे मेवे खाना बहà¥à¤¤ ही फायदेमंद होता है। इस मौसम में आप नियमित रूप से चिलगोजा, काजू और बादाम का अचà¥à¤›à¤¾ सेवन करें। खासतौर से सूखे मेवों से बने लडà¥à¤¡à¥‚ आपको खाने चाहिà¤à¥¤ यह इमà¥à¤¯à¥‚निटी बढ़ाने के साथ शरीर को गरà¥à¤®à¤¾à¤¹à¤Ÿ à¤à¥€ देते हैं।
​सरà¥à¤¦à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में जरूर पीà¤à¤‚ काढ़ा
वैसे तो यह कशà¥à¤®à¥€à¤°à¥€ डà¥à¤°à¤¿à¤‚क है, लेकिन आप चाहें, तो इनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ सरà¥à¤¦à¥€ के दिनों में रोजाना ले सकते हैं। तà¥à¤²à¤¸à¥€ के पतà¥à¤¤à¥‡, काली मिरà¥à¤š, दालचीनी, बड़ी इलायची और गà¥à¤¡à¤¼ मिलाकर काढ़ा तैयार कर पीà¤à¤‚, गले को बहà¥à¤¤ आराम मिलेगा।
​घी या वाइट बटर खाà¤à¤‚
आयà¥à¤°à¥à¤µà¥‡à¤¦ के अनà¥à¤¸à¤¾à¤°, सरà¥à¤¦à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में घी का सेवन बहà¥à¤¤ अचà¥à¤›à¤¾ माना गया है। बता दें कि घी जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤¤à¤° गाय के दूध से बना होता है, जो सरà¥à¤¦à¥€, खांसी का इलाज करता है। बता दें कि घी à¤à¤¾à¤°à¤¤ के पà¥à¤°à¤¾à¤šà¥€à¤¨ सà¥à¤ªà¤°à¤«à¥‚ड चà¥à¤¯à¤µà¤¨à¤ªà¥à¤°à¤¾à¤¶ का à¤à¤• अनिवारà¥à¤¯ हिसà¥à¤¸à¤¾ है, जो सरà¥à¤¦à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ के दौरान हमें जरूर खाना चाहिà¤à¥¤
सरà¥à¤¦à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में ज़रूर खाà¤à¤‚ ये चीज़ें
​तà¥à¤²à¤¸à¥€ और अदरक की चाय का सेवन करें
सरà¥à¤¦à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में तà¥à¤²à¤¸à¥€ और अदरक की चाय शरीर को गरà¥à¤® रखने का बेहतरीन तरीका है। दिनà¤à¤° में आप जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ नहीं, तो जितनी बार à¤à¥€ चाय पीà¤à¤‚, तà¥à¤²à¤¸à¥€ और अदरक जरूर मिलाà¤à¤‚। यह चाय सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ के लिहाज से बहà¥à¤¤ फायदा पहà¥à¤‚चाती है।
​सरà¥à¤¦à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में à¤à¥‚लकर à¤à¥€ नहीं करना चाहिठइन चीजों का सेवन
सरà¥à¤¦à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में न खाà¤à¤‚ केला-
वैसे तो केला बहà¥à¤¤ ही हेलà¥à¤¦à¥€ फà¥à¤°à¥‚ट है, लेकिन सरà¥à¤¦à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में यह फल खाने से बचना चाहिà¤à¥¤ केले की तासीर ठंडी होती है, जो कफ को बढ़ाती है। सरà¥à¤¦à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में वैसे à¤à¥€ कफ बढ़ा हà¥à¤† रहता है, à¤à¤¸à¥‡ में अगर हम जलà¥à¤¦à¥€ सà¥à¤¬à¤¹ या शाम के समय केला खाते हैं, तो यह हमारे कफ को बढ़ाकर बलगम का उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¤¨ कर सकता है। इसलिठअगर आप केला खाना ही चाहते हैं, तो दोपहर का समय सबसे अचà¥à¤›à¤¾ है।
​ठंड के दौरान दही खाने से बचें
कà¥à¤› घरों में दही का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² रोजाना किया जाता है। लेकिन ठंड के दिनों में दही का सेवन सà¥à¤¬à¤¹-सà¥à¤¬à¤¹ और रात के समय करना नà¥à¤•सानदायक हो सकता है। फिर à¤à¥€ अगर आप दही के शौकीन हैं, तो आप दोपहर के समय रूम टैंपà¥à¤°à¥‡à¤šà¤° में आने के बाद इसे ले सकते हैं।
​चावल से करें परहेज
इसमें कोई संदेह नहीं है कि लोगों को चावल बेहद पसंद होते हैं, लेकिन सरà¥à¤¦à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में चावल पहà¥à¤‚चाते हैं। लेकिन अगर आप ताजा पके हà¥à¤ चावल, काली मिरà¥à¤š, लौंग, दालचीनी, तेजपतà¥à¤¤à¤¾ डालकर खाà¤à¤‚गे, तो यह इतना नà¥à¤•सान नहीं करेंगे। आयà¥à¤°à¥à¤µà¥‡à¤¦ विशेषजà¥à¤ž की मानें तो जितना हो सके चावल को दोपहर के समय खाà¤à¤‚, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि शाम के वकà¥à¤¤ ये कफ को बढ़ा सकता है।
यहां बताठगठफूडà¥à¤¸ का सेवन आप सरà¥à¤¦à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में करेंगे, तो आपकी पूरी सरà¥à¤¦à¥€ शांत और सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ तरीके से बीतेंगी और आप आसानी से इस मौसम का लà¥à¤¤à¥à¤« ले पाà¤à¤‚गे।
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